!doctype html> आरती असुर निकंदन की (aarti ashur nikandan ki) Lyrics — Vrinda Ke Geet
aarti ashur nikandan ki — आरती असुर निकंदन की devotional song
Hanuman आरती

आरती असुर निकंदन की

aarti ashur nikandan ki

Published: 21 जून 2026

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हिंदी

धुन-  आरती कुंज बिहारी की

आरती असुर निकंदन की।

पवनसुत केशरी नंदन की ।।

1.ज्ञान के सागर हैं हनुमंत।

पड़े पद युगल उपासक संत।

कमल हिय राजै सिय-भगवंत ।।

परमप्रिय-2

परमप्रिय भक्त शिरोमणि की ।।

पवन सुत केशरी नंदन की ।।

आरती असुर निकंदन की।

पवनसुत केशरी नंदन की ।।

2.सीय-रघुवर के तुम प्यारे।

साधु-संतन के रखवारे।

असुर कुल के तुम संहारे।

परमबल-2

परम बलवान शिरोमणि की ,

पवन सुत केशरी नंदन की ।।

आरती असुर निकंदन की।

पवनसुत केशरी नंदन की ।।

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Category
hanuman
Type
aarti
Published
21 जून 2026
Tags
hanuman aarti

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