आरती बाबा भूतनाथ संकर भगवान की
aarati baba bhutnaath sankar bhagwan ki
आरती बाबा भूतनाथ संकर भगवान की — a beautiful devotional aarti lyrics page.
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kaisi ye shaam ki maya hey
कैसी ये श्याम की माया है — a beautiful devotional bhajan lyrics page.
Published: 21 जून 2026
हे यशोदा के लाल, हे सकल सृष्टि के पाल…
तेरी लीला का अंत कहाँ?
तू ही राह है, तू ही मंज़िल है…
कैसी ये श्याम की माया है?
कैसा ये खेल रचाया है?
जो बंधा यशोदा की रस्सी से,
उसने ब्रह्मांड घुमाया है!
कैसी ये श्याम की माया है?
कैसी ये श्याम की माया है?
कैसी ये श्याम की माया है?
कैसा ये खेल रचाया है?
जो बंधा यशोदा की रस्सी से,
उसने ब्रह्मांड घुमाया है!
कैसी ये श्याम की माया है?
कैसी ये श्याम की माया है?
जो माखन मिश्री को तरसे,
वो क्यों छप्पन भोग लगाए?
जो नन्हे हाथों से गिरि उठाए,
वो क्यों गोवर्धन कहलाए?
जो नन्हे हाथों से गिरि उठाए,
वो क्यों गोवर्धन कहलाए?
जो सखा बनके गैया चराए,
क्यों त्रिलोक का वो स्वामी है?
जो गोकुल की गलियों में खोया,
क्यों वो ही अंतर्यामी है?
जो गोकुल की गलियों में खोया,
क्यों वो ही अंतर्यामी है?
कैसी ये श्याम की माया है?
कैसा ये खेल रचाया है?
कैसी ये श्याम की माया है…
अधर पे जिसके बांसुरी साजे,
क्यों सुदर्शन हाथ उठाए?
जो गोपियों के संग रास रचाए,
क्यों पूर्ण ब्रह्म कहलाए?
जो गोपियों के संग रास रचाए,
क्यों पूर्ण ब्रह्म कहलाए?
यमुना के तट पर जो राधा का,
क्यों रुक्मणी का वर होता है?
जो प्रेम की रीत सिखाता है,
क्यों विरह का सागर होता है?
जो प्रेम की रीत सिखाता है,
क्यों विरह का सागर होता है?
कैसी ये श्याम की माया है?
कैसा ये खेल रचाया है?
कैसी ये श्याम की माया है…
कंस के कारागार में जन्मा,
क्यों महलों का राजा कहलाए?
जो ग्वाला बनकर जनम लिया,
क्यों द्वारिकाधीश बन जाए?
जो ग्वाला बनकर जनम लिया,
क्यों द्वारिकाधीश बन जाए?
छोड़ के अपनी कुंज गलियाँ,
क्यों रणछोड़ वो कहलाता है?
जो हार के भी सब जीत गया,
क्यों मायावी समझा जाता है?
जो हार के भी सब जीत गया,
क्यों मायावी समझा जाता है?
कैसी ये श्याम की माया है?
कैसा ये खेल रचाया है?
कैसी ये श्याम की माया है…
सारथी बन जो रथ हांक रहा,
क्यों गीता का ज्ञान सुनाता है?
जो शस्त्र न छूने की शपथ ले,
क्यों काल का रूप दिखाता है?
जो शस्त्र न छूने की शपथ ले,
क्यों काल का रूप दिखाता है?
निहत्था खड़ा जो रणभूमि में,
क्यों जीत की डोर थामे है?
जो मोह छुड़ाने आया था,
क्यों खुद ही भक्ति में सामने है?
जो मोह छुड़ाने आया था,
क्यों खुद ही भक्ति में सामने है?
कैसी ये श्याम की माया है?
कैसा ये खेल रचाया है?
कैसी ये श्याम की माया है…
कैसी ये श्याम की माया है?
कैसा ये खेल रचाया है?
जो मिला सुदामा की कुटिया में,
वही कण-कण में समाया है!
कैसी ये श्याम की माया है…
कैसी ये श्याम की माया है…
कैसी ये श्याम की माया है…
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