आरती बाबा भूतनाथ संकर भगवान की
aarati baba bhutnaath sankar bhagwan ki
आरती बाबा भूतनाथ संकर भगवान की — a beautiful devotional aarti lyrics page.
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Mere Malik Ke Darbar Me Sab Ka Khata Hai
मेरे मालिक के दरबार में सब का खाता - भजन — a beautiful devotional bhajan lyrics page.
Published: 21 जून 2026
मेरे मालिक के दरबार में,
सब का खाता,
जो कोई जैसी करनी करता,
वैसा ही फल पाता,
क्या साधू क्या संत गृहस्थी,
क्या राजा क्या रानी,
प्रभू की पुस्तक में लिक्खी है,
सबकी कर्म कहानी,
अन्तर्यामी अन्दर बैठा,
सबका हिसाब लगाता,
मेरे मालिक के दरबार में,
सब का खाता, बड़े बड़े कानून प्रभू के,
बड़ी बड़ी मर्यादा,
किसी को कौड़ी कम नहीं मिलती,
मिले न पाई ज्यादा,
इसीलिए तो वह दुनियाँ का
जगतपति कहलाता,
मेरे मालिक के दरबार में,
सब का खाता
चले न उसके आगे रिश्वत,
चले नहीं चालाकी,
उसकी लेन देन की बन्दे,
रीति बड़ी है बाँकी,
समझदार तो चुप रहता है,
मूरख शोर मचाता,
मेरे मालिक के दरबार में,
सब का खाता,
उजली करनी करले बन्दे,
करम न करियो काला,
लाख आँख से देख रहा है,
तुझे देखने वाला,
उसकी तेज नज़र से बन्दे,
कोई नहीं बच पाता,
मेरे मालिक के दरबार में,
सब का खाता,
मेरे मालिक के दरबार में,,
सब का खाता,
Mere Malik Ke Darbar Me Sab Ka Khata Hai
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