आरती बाबा भूतनाथ संकर भगवान की
aarati baba bhutnaath sankar bhagwan ki
आरती बाबा भूतनाथ संकर भगवान की — a beautiful devotional aarti lyrics page.
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panchi re udd chal apney dash
पंछी रे उड़ चल अपनें देस — a beautiful devotional bhajan lyrics page.
Published: 21 जून 2026
बौल-पंछी पड़ा परदेस में,परदेस
से भी उड़ गया
उस देस को जाकर उड़ावो प्यारे,
इस देस से मुंह मुड़ गया
उड़ चल अपनें देस पंछी रे,उड़
चल अपनें देस
जगत तो है परदेस पंछी रे,उड़
चल अपनें देस…
1.जग परदेस से उड़ना है तुझको,
प्रभू चरणों से जुड़ना है तुझको
आया तेरा संदेस पंछी रे
उड़ चल अपनें देस पंछी रे,उड़
चल अपनें देस
जगत तो है परदेस पंछी रे,
उड़ चल अपनें देस…
2.ऐ पंछी तेरा देस पराया,जाये
वहीं जहां से तूं आया
आया तेरा आदेश पंछी रे,
उड़ चल अपनें देस पंछी रे,उड़
चल अपनें देस
जगत तो है परदेस पंछी रे,
उड़ चल अपनें देस…
3.ऐ पंछी तेरी दर्द कहानी,परदेस
में तेरी कदर ना जानीं
बन गया निठुर विदेस पंछी रे,
उड़ चल अपनें देस पंछी रे
उड़ चल अपनें देस
जगत तो है परदेस पंछी रे,
उड़ चल अपनें देस…
तेरे बिन लागे ना मन तेरे बिन,
तेरे बिन जीना भी क्या
तेरे बिन लागे ना मन तेरे बिन,
तेरे बिन जीना भी क्या
तेरे बिन जीना भी,तेरे बिन
जीना क्या
तेरे बिन जीना क्या क्या क्या
क्या क्या
रचनां-बाबा रसका पागल जी महाराज
(वृन्दावन)
बाबा धसका पागल पानीपत
संपर्कंसुत्र-7206526000
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