!doctype html> सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ (Sakhi Ri Bank Bihaari Se Hamari Ladgayi Akhiyan) Lyrics — Vrinda Ke Geet
Sakhi Ri Bank Bihaari Se Hamari Ladgayi Akhiyan — सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ devotional song
Krishna भजन

सखी री बांके बिहारी से हमारी लड़ गयी अंखियाँ

Sakhi Ri Bank Bihaari Se Hamari Ladgayi Akhiyan

Published: 21 जून 2026

Watch
Ring Bell
Light Diya
Text Size 100%

हिंदी

सखी री बांके बिहारी से

हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।

बचायी थी बहुत लेकिन

निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ ॥ना जाने क्या किया जादू

यह तकती रह गयी अखियाँ ।

चमकती हाय बरछी सी

कलेजे गड़ गयी आखियाँ ॥

चहू दिश रस भरी चितवन

मेरी आखों में लाते हो ।

कहो कैसे कहाँ जाऊं

यह पीछे पद गयी अखियाँ ॥

भले तन से निकले प्राण

मगर यह छवि ना निकलेगी ।

अँधेरे मन के मंदिर में

मणि सी गड़ गयी अखियाँ ॥

सखी री बांके बिहारी से

हमारी लड़ गयी अंखियाँ ।

बचायी थी बहुत लेकिन

निगोड़ी लड़ गयी अखियाँ ॥

🕉️
🌸 play & learn 🌸

Bhakti Mela (भक्ति मेला)

Solve beautiful jigsaw puzzles, play devotional quizzes, and build your daily streak!

🎪 Enter Bhakti Mela ➔

Watch on YouTube

Song Details

Category
krishna
Type
bhajan
Published
21 जून 2026
Tags
krishna bhajan

Download Lyrics