आज राम मेरे घर आए: भजन
Aaj Ram Mere Ghar Aaye
आज राम मेरे घर आए: भजन — a beautiful devotional aarti lyrics page.
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kaisa ye ram ka diwana hey
कैसा ये राम का दीवाना है... — a beautiful devotional bhajan lyrics page.
Published: 21 जून 2026
जय अंजनी लाला, जय कपीसा…
तेरी लीला का अंत न पाया…
तेरी लीला का अंत न पाया…
कैसा ये राम का दीवाना है,
कैसी ये भक्ति कमाई है
जो खुद है शक्ति का सागर,
उसने दासता अपनाई है
कैसा ये राम का दीवाना है…
कैसा ये राम का दीवाना है…
कैसा ये राम का दीवाना है,
कैसी ये भक्ति कमाई है
जो खुद है शक्ति का सागर,
उसने दासता अपनाई है
कैसा ये राम का दीवाना है…
कैसा ये राम का दीवाना है…
जो उड़ के सूरज को मुख में भरे,
वो क्यों चरणों में झुक जाता है?
जिसके डर से काल भी काँपे,
वो क्यों सिंदूर से सुहाता है?
जिसके डर से काल भी काँपे,
वो क्यों सिंदूर से सुहाता है?
अतुलित बल का जो स्वामी है,
क्यों सूक्ष्म रूप बना के चले?
जो लंका को क्षण में फूँक सके,
क्यों विभीषण के द्वार खड़ा मिले?
जो लंका को क्षण में फूँक सके,
क्यों विभीषण के द्वार खड़ा मिले?
कैसा ये राम का दीवाना है,
कैसी ये भक्ति कमाई है
जो खुद है शक्ति का सागर,
उसने दासता अपनाई है
कैसा ये राम का दीवाना है…
कैसा ये राम का दीवाना है…
जो अष्ट-सिद्धि का दाता है,
क्यों वानर भेस में रहता है?
जो पर्वत को हथेली पे तोले,
क्यों विरह के आँसू सहता है?
जो पर्वत को हथेली पे तोले,
क्यों विरह के आँसू सहता है?
जिसके हृदय में सिया-राम बसे,
उसे मोतियों की क्या चाहत है?
जो अमरता का वरदान लिए,
क्यों सेवा में पाता राहत है?
जो अमरता का वरदान लिए,
क्यों सेवा में पाता राहत है?
कैसा ये राम का दीवाना है,
कैसी ये भक्ति कमाई है
जो खुद है शक्ति का सागर,
उसने दासता अपनाई है
कैसा ये राम का दीवाना है…
कैसा ये राम का दीवाना है…
जो ज्ञानियों में है अग्रगण्य,
वो क्यों मुग्ध भजन में खोया है?
जिसने सुग्रीव का राज फिराया,
वो क्यों प्रभु-चरणों में सोया है?
जिसने सुग्रीव का राज फिराया,
वो क्यों प्रभु-चरणों में सोया है?
जो गदा उठाए तो प्रलय मचे,
क्यों हाथ जोड़ मुस्काता है?
वो राम का सबसे बड़ा सखा,
क्यों खुद को अधम बताता है?
वो राम का सबसे बड़ा सखा,
क्यों खुद को अधम बताता है?
कैसा ये राम का दीवाना है,
कैसी ये भक्ति कमाई है
जो खुद है शक्ति का सागर,
उसने दासता अपनाई है
कैसा ये राम का दीवाना है…
कैसा ये राम का दीवाना है…
वज्र शरीर, कोमल मन…
अजब ये राम का दीवाना है…
जय हनुमान… जय हनुमान…
कैसा ये राम का दीवाना है,
कैसी ये भक्ति कमाई है
जो खुद है शक्ति का सागर,
उसने दासता अपनाई है
कैसा ये राम का दीवाना है…
कैसा ये राम का दीवाना है…
कैसा ये राम का दीवाना है…
कैसा ये राम का दीवाना है…
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