!doctype html> श्री कृष्ण चालीसा (Shri Krishna Chalisa) Lyrics — Vrinda Ke Geet
Shri Krishna Chalisa — श्री कृष्ण चालीसा devotional song
Krishna चालीसा

श्री कृष्ण चालीसा

Shri Krishna Chalisa

Published: 21 जून 2026

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हिंदी

॥ दोहा॥

बंशी शोभित कर मधुर,

नील जलद तन श्याम ।

अरुण अधर जनु बिम्बफल,

नयन कमल अभिराम ॥पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख,

पीताम्बर शुभ साज ।

जय मनमोहन मदन छवि,

कृष्णचन्द्र महाराज ॥

॥ चौपाई ॥

जय यदुनन्दन जय जगवन्दन ।

जय वसुदेव देवकी नन्दन ॥

जय यशुदा सुत नन्द दुलारे ।

जय प्रभु भक्तन के दृग तारे ॥

जय नट-नागर नाग नथैया ।

कृष्ण कन्हैया धेनु चरैया ॥

पुनि नख पर प्रभु गिरिवर धारो ।

आओ दीनन कष्ट निवारो ॥

वंशी मधुर अधर धरी तेरी ।

होवे पूर्ण मनोरथ मेरो ॥

आओ हरि पुनि माखन चाखो ।

आज लाज भारत की राखो ॥

गोल कपोल, चिबुक अरुणारे ।

मृदु मुस्कान मोहिनी डारे ॥

रंजित राजिव नयन विशाला ।

मोर मुकुट वैजयंती माला ॥

कुण्डल श्रवण पीतपट आछे ।

कटि किंकणी काछन काछे ॥

नील जलज सुन्दर तनु सोहे ।

छवि लखि, सुर नर मुनिमन मोहे ॥10

मस्तक तिलक, अलक घुंघराले ।

आओ कृष्ण बांसुरी वाले ॥

करि पय पान, पुतनहि तारयो ।

अका बका कागासुर मारयो ॥

मधुवन जलत अग्नि जब ज्वाला ।

भै शीतल, लखितहिं नन्दलाला ॥

सुरपति जब ब्रज चढ़यो रिसाई ।

मसूर धार वारि वर्षाई ॥

लगत-लगत ब्रज चहन बहायो ।

गोवर्धन नखधारि बचायो ॥

लखि यसुदा मन भ्रम अधिकाई ।

मुख महं चौदह भुवन दिखाई ॥

दुष्ट कंस अति उधम मचायो ।

कोटि कमल जब फूल मंगायो ॥

नाथि कालियहिं तब तुम लीन्हें ।

चरणचिन्ह दै निर्भय किन्हें ॥

करि गोपिन संग रास विलासा ।

सबकी पूरण करी अभिलाषा ॥

केतिक महा असुर संहारयो ।

कंसहि केस पकड़ि दै मारयो ॥20

मात-पिता की बन्दि छुड़ाई ।

उग्रसेन कहं राज दिलाई ॥

महि से मृतक छहों सुत लायो ।

मातु देवकी शोक मिटायो ॥

भौमासुर मुर दैत्य संहारी ।

लाये षट दश सहसकुमारी ॥

दै भिन्हीं तृण चीर सहारा ।

जरासिंधु राक्षस कहं मारा ॥

असुर बकासुर आदिक मारयो ।

भक्तन के तब कष्ट निवारियो ॥

दीन सुदामा के दुःख टारयो ।

तंदुल तीन मूंठ मुख डारयो ॥

प्रेम के साग विदुर घर मांगे ।

दुर्योधन के मेवा त्यागे ॥

लखि प्रेम की महिमा भारी ।

ऐसे श्याम दीन हितकारी ॥

भारत के पारथ रथ हांके ।

लिए चक्र कर नहिं बल ताके ॥

निज गीता के ज्ञान सुनाये ।

भक्तन ह्रदय सुधा वर्षाये ॥30

मीरा थी ऐसी मतवाली ।

विष पी गई बजाकर ताली ॥

राना भेजा सांप पिटारी ।

शालिग्राम बने बनवारी ॥

निज माया तुम विधिहिं दिखायो ।

उर ते संशय सकल मिटायो ॥

तब शत निन्दा करी तत्काला ।

जीवन मुक्त भयो शिशुपाला ॥

जबहिं द्रौपदी टेर लगाई ।

दीनानाथ लाज अब जाई ॥

तुरतहिं वसन बने ननन्दलाला ।

बढ़े चीर भै अरि मुँह काला ॥

अस नाथ के नाथ कन्हैया ।

डूबत भंवर बचावत नैया ॥

सुन्दरदास आस उर धारी ।

दयादृष्टि कीजै बनवारी ॥

नाथ सकल मम कुमति निवारो ।

क्षमहु बेगि अपराध हमारो ॥

खोलो पट अब दर्शन दीजै ।

बोलो कृष्ण कन्हैया की जै ॥40

॥ दोहा ॥

यह चालीसा कृष्ण का,

पाठ करै उर धारि।

अष्ट सिद्धि नवनिधि फल,

लहै पदारथ चारि॥

Transliteration

॥ Doha ॥

Banshi Shobhit Kar Madhur,

Neel Jalad Tan Shyam ।

Arun Adhar Janu Bimbaphal,

Nayan Kamal Abhiram ॥Poorn Indra, Aravind Mukh,

Peetambar Shubh Saaj ।

Jay Manmohan Madan Chhavi,

Krishnachandr Maharaj ॥

॥ Chaupai ॥

Jai Yadunandan Jai Jagavandan ।

Jai Vasudev Devaki Nandan ॥

Jai Yashuda Sut Nand Dulare ।

Jai Prabhu Bhaktan Ke Drg Tare ॥

Jai Natnagar, Naag Nathiya ।

Krishn Kanhiya Dhenu Chariya ॥

Puni Nakh Par Prabhu Girivar Dhaaro ।

Aao Deenan Kasht Nivaro ॥ 4 ॥

Vanshi Madhur Adhar Dhari Terau ।

Howe Poorn Vinay Yah Merau ॥

Aao Hari Puni Makhan Chakho ।

Aaj Laaj Bharat Ki Rakho ॥

Gol Kapol, Chibuk Arunare ।

Mridu Muskan Mohini Daare ॥

Rajeet Rajiv Nayan Vishala ।

Mor Mukut Vaijantimala ॥ 8 ॥

Kundal Shravan, Peet Pat Aachhe ।

Kati Kinkini Kaachhani Kachhe ॥

Neel Jalaj Sundar Tanu Sohe ।

Chhabi Lakhi, Sur Nar Muniman Mohe ॥

Mastak Tilak, Alak Ghungharale ।

Aao Krshn Baansuri Wale ॥

Carry Paya Paan, Putnahi Tariyo ।

Kka Baka Kagasura Maryo ॥ 12 ॥

Madhuvan Jalat Agin Jab Jwala ।

Bhai Sheetal Lakhatahin Nandalala ॥

Surapati Jab Braj Chadhyo Risai ।

Moosar Dhaar Vaari Varshai ॥

Lagat Lagat Lagat Vraj Chahan Bahayo ।

Govardhan Nakh Dhari Bachayo ॥

Lakhi Yasuda Man Bhram Adhikai ।

Mukh Manh Chaudah Bhuvan Dikhai ॥ 16 ॥

Dusht Kans Ati Udham Machayo ।

Koti Kamal Jab Phool Mangayo ॥

Naathi Kaliyahin Tab Tum Linhen ।

Charan Chihn Dai Nirbhay Kinhen ॥

Kari Gopin Sang Raas Vilasa ।

Sabki Pooran Kari Abhilasha ॥

Ketik Maha Asura Sanharyo ।

Kanshi Cesh Pakdi De Maryo ॥ 20 ॥

Matpita Ki Bandi Chudai ।

Ugrasen Kahan Raaj Dilai ॥

Mahi Se Mritak Chhahon Sut Laayo ।

Maatu Devaki Shok Mitayo ॥

Bhaumasur Mur Daity Sanhari ।

Laaye Shat Dash Sahasakumari ॥

Dai Bhimahin Trina Chir Sahara ।

Jarasindhu Rakshas Kahan Maara ॥ 24 ॥

Asura Bakasura Adik Maryo ।

Bhaktan Ke Tab Kasht Nivaryo ॥

Deen Sudama Ke Duhkh Taaryo ।

Tandul Teen Moonth Mukh Daary ॥ ॥

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Song Details

Category
krishna
Type
chalisa
Published
21 जून 2026
Tags
krishna chalisa

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