!doctype html> कौन लंका जला पाता (kon lanka jala pata) Lyrics — Vrinda Ke Geet
kon lanka jala pata — कौन लंका जला पाता devotional song
Hanuman doha

कौन लंका जला पाता

kon lanka jala pata

Published: 21 जून 2026

Watch
Ring Bell
Light Diya
Text Size 100%

हिंदी

दोहा

देख के सागर की लहरों को,वानर सब घबराये।

कैसे होगा पार ये सागर, मन ही मन सकुचाये।।

जामवंत ने बजरंगी से जाकर करी गुहार

सिवा तुम्हारे कौन ये सागर कर पायेगा पार

कौन लंका जला पाता,अगर हनुमान न होते।

पता न सीता का लग पाता अगर हनुमान न होते।।

लाँघक़र के समंदर को, पहुँचे लंका के वो अंदर

देख़ हनुमान की ताकत, काँप उठ्ठा था दशकँधर

कौन सूरज निकल पता, अगर हनुमान ना होते

आ के शक्ति लगी ऐसी, मूर्छा खा गए लक्ष्मण

संजीवन बूटी लाने को, गए वो दौड़ के ततक्षण

कौन पर्वत उठा पाता, अगर हनुमान न होते

राम का नाम लेकर के, जो इनके पास जाते हैं

उनके जीवन की तकलीफें, ये पल भर में मिटाते हैं

कौन संकट मिटा पाता, अगर हनुमान न होते.

🕉️
🌸 play & learn 🌸

Bhakti Mela (भक्ति मेला)

Solve beautiful jigsaw puzzles, play devotional quizzes, and build your daily streak!

🎪 Enter Bhakti Mela ➔

Watch on YouTube

Song Details

Category
hanuman
Type
doha
Published
21 जून 2026
Tags
hanuman doha

Download Lyrics